- Home
- /
- राज्य
- /
- महाराष्ट्र
- /
- शिवसेना (UBT) बागी...
शिवसेना (UBT) बागी सांसदों की जयपुर में स्पीकर से मुलाकात का दावा, सियासी हलचल तेज

Maharashtra महाराष्ट्र: शिवसेना (UBT) के छह बागी सांसदों को लेकर राजनीतिक हलकों में नया विवाद सामने आया है। पहले यह अटकलें लगाई जा रही थीं कि ये सभी सांसद लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मिलने के लिए दिल्ली में मौजूद थे, लेकिन सूत्रों के अनुसार असल में यह महत्वपूर्ण बैठक दिल्ली में नहीं बल्कि राजस्थान के जयपुर में एक होटल में हुई थी।
घटनाक्रम से जुड़े सूत्रों का दावा है कि मंगलवार देर रात यह मुलाकात जयपुर के एक होटल में आयोजित की गई, जहां लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से इन सांसदों ने बातचीत की। बताया जा रहा है कि इस पूरे घटनाक्रम में गोपनीयता बनाए रखने के लिए यात्रा और बैठक की योजना अलग तरीके से बनाई गई थी।
सूत्रों के अनुसार जिन छह सांसदों ने इस बैठक में हिस्सा लिया, उनमें संजय देशमुख (यवतमाल-वाशिम), संजय जाधव (परभणी), नागेश पाटिल अष्टिकर (हिंगोली), भाऊसाहेब वाकचौरे (शिर्डी), संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर-पूर्व) और ओमप्रकाशराजे निंबालकर (धाराशिव) शामिल हैं। बताया गया कि इन सभी सांसदों के लिए अलग-अलग स्थानों से विशेष फ्लाइट की व्यवस्था की गई थी।
जानकारी के मुताबिक संजय देशमुख और नागेश पाटिल अष्टिकर को नांदेड़ से स्पेशल फ्लाइट के जरिए लाया गया, जबकि संजय जाधव के लिए भी नांदेड़ से ही अलग उड़ान की व्यवस्था की गई। भाऊसाहेब वाकचौरे हैदराबाद से, ओमप्रकाशराजे निंबालकर पुणे से और संजय दीना पाटिल मुंबई से फ्लाइट के जरिए पहुंचे।
रात लगभग मध्य रात्रि के बाद ये सभी सांसद अलग-अलग उड़ानों से दिल्ली पहुंचे और वहां एकत्र हुए। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान शिवसेना नेता और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के बेटे तथा सांसद श्रीकांत शिंदे भी मौजूद थे। इसके बाद सभी सांसदों को जयपुर ले जाया गया, जहां कथित तौर पर उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की।
बताया जा रहा है कि इस बैठक के दौरान इन छह सांसदों ने एक संयुक्त पत्र भी स्पीकर को सौंपा, जिस पर सभी के हस्ताक्षर थे। हालांकि इस पत्र की सामग्री और बैठक के वास्तविक उद्देश्य को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इस पूरे घटनाक्रम ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है। विपक्षी और राजनीतिक विश्लेषक इस घटनाक्रम को लेकर अलग-अलग अनुमान लगा रहे हैं। वहीं शिवसेना (UBT) और अन्य संबंधित पक्षों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सूत्रों का यह भी कहना है कि इस पूरी प्रक्रिया को अत्यंत गोपनीय रखा गया और यात्रा की योजना इस तरह बनाई गई कि सामान्य राजनीतिक गतिविधियों से इसे अलग रखा जा सके। अलग-अलग शहरों से सांसदों की उड़ान और फिर एक साथ एक स्थान पर एकत्र होना इस मामले को और भी संवेदनशील बना रहा है।
फिलहाल यह मामला राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है और सभी की नजरें लोकसभा स्पीकर कार्यालय या संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।





